भारतीय टीम का पहला विदेशी कोच, जिसने टीम को बुलंदियों पर पहुंचाया था

John Wright was First foreign coach of Indian Cricket Team

First foreign coach of Indian Cricket Team: भारतीय क्रिकेट टीम मौजूदा समय में दुनिया की सबसे ताकतवर टीम मानी जाती है. इसका उदाहरण टीम इंडिया में हाल ही में वेस्टइंडीज में आयोजित टी 20 विश्व कप 2024 जीत कर दिया है. लेकिन 24 साल पहले यानी 2000 में ऐसी स्थिति नहीं थी. भारतीय टीम एक कमजोर टीम मानी जाती थी और 2000 के आसपास कई खिलाड़ियों पर लगे फिक्सिंग के आरोपो में टीम की छवि भी धूमिल की थी. बीसीसीआई ने तब टीम इंडिया में इंडिया में सुधार के लिए बड़े कदम उठाए. सौरव गांगुली को कप्तान  बनाया गया और कई युवा खिलाड़ियों को टीम में एंट्री दी गई. इसके साथ ही बीसीसीआई ने पहली बार टीम इंडिया के कोच के रुप में किसी विदेशी कोच की नियुक्ती की.

विदेशी कोच ने बदली किस्मत 

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने 2000 में पहली बार विदेश कोच के रुप में न्यूजीलैंड के जॉन राइट को नियुक्त किया. शांत स्वभाव, मृदुभाषी जॉन राइट ने नए कप्तान सौरव गांगुली के साथ मिलकर टीम इंडिया का कायाकल्प ही कर दिया. फिक्सिंग के आरोपों से जूझ रही भारतीय टीम जल्द ही टॉप की टीम मानी जाने लगी और सभी बड़े टूर्नामेंट में भारतीय टीम का दबदबा बढ़ गया. राइट का कार्यकाल 2000 से 2005 तक रहा. उनके कार्यकाल में भारतीय टीम की मजबूती की जो नींव रखी गई उसका असर आज तक दिख रहा है.

उपलब्धियां 

जॉन राइट के  कार्यकाल में भारतीय टीम ने विश्व क्रिकेट में अपना दबदबा बनाया. उनके कार्यकाल में भारतीय टीम 20 साल बाद 2003 वनडे विश्व कप का फाइनल खेली थी. भारतीय टीम ने 2000 का आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल खेला था जिसमें उसे हार का सामना करना पड़ा था. 2002 में टीम इंडिया फिर से इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची जहां बारिश की वजह से उसे संयुक्त विजेता के रुप में संतोष करना पड़ा. मैच में भारत की जीत के ज्यादा चांस थे. इसके अलाना राइट और गांगुली की समय में ही भारतीय टीम ने विदेशों में सीरीज खासकर टेस्ट सीरीज जीतनी शुरु की थी.

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