World Cup 2023: पीसीबी ने भारतीय वीजा में देरी पर आईसीसी से कि शिकायत

टीम पाकिस्तान अपने World Cup 2023 के अभियान की शुरुआत 6 अक्टूबर को द नीदरलैंड्स के खिलाफ़ हैदराबाद से करेगी।

पाकिस्तान टीम बुधवार (27 सितंबर) सुबह दुबई के रास्ते होते हुए हैदराबाद (भारत) विश्व कप 2023 (World Cup 2023) में भाग लेने के लिए प्रस्थान करेगी। हालाँकि, सोमवार को भी पाकिस्तानी क्रिकेट टीम, कोचिंग स्टाफ और अन्य अधिकारियों को भारत की तरफ से वीज़ा जारी नहीं किए गए वीज़ा जारी नहीं किए गए

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने 5 अक्टूबर को भारत में शुरू होने वाले आगामी आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप 2023 (World Cup 2023) के लिए भारतीय वीजा प्राप्त करने में देरी को लेकर औपचारिक रूप से अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) को शिकायत की है।

आईसीसी को भेजे गए पत्र में पीसीबी ने अपनी आशंकाओं से अवगत कराया और मेजबान-सदस्य समझौते पर ध्यान आकर्षित किया जो ऐसे अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को नियंत्रित करता है।

पत्र में कहा गया है, ”हम इस मुद्दे पर तीन साल से चर्चा कर रहे हैं। किसी ने हमारी चिंताओं पर ध्यान नहीं दिया। और अब स्थिति ऐसी हो गई है कि हमें अभी तक वीज़ा नहीं मिला है। संबंधित अधिकारियों की अनदेखी के कारण हम अनिश्चितता की स्थिति में हैं। हमें दो दिनों के लिए दुबई में रहना था लेकिन इस वीज़ा मुद्दे के कारण हमें वह (यात्रा) रद्द करनी पड़ी,” पीसीबी ने कहा।

“जब भी हमने संबंधित प्राधिकारी से संपर्क किया, तो हमें बताया गया कि वीजा 24 घंटे में जारी किया जाएगा। और अब, हर गुजरते दिन के साथ, अनिश्चितता बढ़ती जा रही है और यह सभी को चिंतित कर रही है।”

पाकिस्तानी टीम को आज (25 सितंबर) भारतीय वीजा मिलने की उम्मीद थी। इस प्रक्रिया में पाकिस्तान में भारतीय दूतावास को भारतीय आंतरिक मंत्रालय से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) प्राप्त करना शामिल है, जो पाकिस्तानी खिलाड़ियों को वीजा जारी करने के लिए ज़रूरी है।

पाकिस्तान का पहला विश्व कप अभ्यास मैच शुक्रवार, 29 सितंबर को न्यूजीलैंड के खिलाफ होना है। बाबर आज़म के नेतृत्व में टीम पाकिस्तान अपने विश्व कप 2023 (World Cup 2023) के अभियान की शुरुआत 6 अक्टूबर को द नीदरलैंड्स के खिलाफ़ हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में करेगी।

पाकिस्तान ने वनडे वर्ल्ड कप सिर्फ एक बार 1992 में इमरान खान की कप्तानी में जीता था। उस वर्ल्ड कप की मेज़बानी ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था।