IIT Mandi निदेशक का दावा ‘मांस खाने’ से हिमाचल में बादल फटने, भूस्खलन की घटनाएं हुई

IIT Mandi director Laxmidhar Behera
IIT Mandi मंडी के निदेशक Laxmidhar Behera को आलोचना का सामना करना पड़ रहा है कि हिमाचल में हाल ही में बादल फटने और भूस्खलन मांस खाने के कारण हुआ।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), मंडी (IIT Mandi) के निदेशक एवं कंप्यूटिंग और रोबोटिक्स के विशेषज्ञ लक्ष्मीधर बेहरा ने दावा किया है की हिमाचल प्रदेश में पिछले कुछ महीनों में बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं के पीछे लोगों का मांसाहारी होना और मांस खाने का परिणाम है। बेहरा के इस दावे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा और उन्हें कड़ी प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ रहा है।

वायरल हो रहे क्लिप में बेहरा एक सभागार में छात्रों के एक समूह को संबोधित करते हुए कहते हैं कि एक अच्छा इंसान बनने के लिए उन्हें मांस खाने से बचना होगा। “अच्छा इंसान बनने के लिए आपको क्या करना होगा?” बेहरा पूछते हैं और फिर खुद ही जवाब देते है. वह कहते हैं अच्छे इंसान बनने के लिए “मांस नहीं खाना” है और फिर विद्यार्थियों से इसे दोहराने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। IIT Mandi के निदेशक ने आगे यह भी कहा, “अगर निर्दोष जानवरों को काटा गया तो हिमाचल प्रदेश का भारी पतन हो जाएगा।”

यह पता नहीं चल पाया है कि वीडियो में दिखाया गया भाषण IIT Mandi के निदेशक ने कब दिया था। बेहरा ने यह भी कहा कि लोग यह नहीं देख पा रहे हैं कि मांस के लिए जानवरों को मारने से पर्यावरण पर क्या दुष्प्रभाव पड़ता है, लेकिन वे इसे जल्द ही देखेंगे। “इसका पहले से ही प्रभाव है। भूस्खलन, बादल फटना जो आप बार-बार देखते हैं, ये सभी (पशु) क्रूरता के प्रभाव हैं,” उन्होंने कहा।

हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश, बदल फटने और भूस्खलन के कारण जुलाई से अगस्त के दौरान जान और माल की भारी तबाही हुई थी। इन घटनाओं में लगभग 250 लोगों की मौत हो गई।

यह पहली बार नहीं है जब बेहरा ने अपनी विवादास्पद टिप्पणियों से विवाद खड़ा किया है। बेहरा ने जनवरी 2022 में यह दावा भी किया था उन्होंने 1993 में “पवित्र मंत्रों” का जाप करके अपने दोस्त के अपार्टमेंट और परिवार को “बुरी आत्माओं” से छुटकारा दिलाया था।