Mahatma Gandhi: मैं बचपन में बहुत शर्मीला था और स्कूल से छुट्टी होते ही सबसे पहले…

Mahatma Gandhi, Gandhi Jayanti
गाँधी जी पर ३ बार गोलियां दागी गयींऔर उस वक़्त उनके आसपास  लोगों को इसका पता भी नहीं चला जब उनके सफ़ेद धोती पर खून का धब्बा दिखा तब लोगों को एहसास हुआ की उन्हें गोली लगी है। आज पूरा देश गाँधी जयंती के अवसर पर उनको नमन और श्रद्धासुमन अर्पित कर रहा है।

हर साल 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता Mahatma Gandhi जी की जयंती को देशभर में बड़े ही धूमधाम के साथ एक राष्ट्रीय त्यौहार के रूप में मनाया जाता है। साल 1948 में उनकी मृत्यु के बाद से ही हर साल 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के रूप में मनाया जाता है। महात्मा गांधी ने पूरी दुनिया को यह सीख दी है कि बिना किसी हिंसा के कोई भी लड़ाई लड़ी जा सकती है। जहाँ भी भारतीय रहते हैं वहां भी गांधी जी को याद करने के लिए कार्यक्रम आदि आयोजित किये जाते हैं। हम सभी गांधी जी से भली-भांति परिचित हैं वे किसी परिचय के मोहताज़ नहीं हैं। अंग्रेजों से आजादी दिलाने में महात्मा गांधी के अभुतपूर्व योगदान को भूला नहीं जा सकता है। उनके द्वारा किये गए संघर्षों के द्वारा ही आज हम स्वतंत्र रूप से सांस ले रहे हैं।

Mahatma Gandhi का जन्म 2 अक्टूबर 1869 में गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। इस वर्ष यानी कि वर्ष 2023 में महात्मा गांधी की 154वीं जयंती मनाई जाएगी। उनकी जयंती पर देश भर में स्कूलों के साथ ही हर छोटी-बड़ी जगह पर प्रार्थना सभाएं, कार्यक्रम आदि का आयोजन किया जाता है।

बचपन से ही हम उनके बारे में काफी कुछ पढ़ते और सुनते आ रहे हैं पर फिर भी गाँधी जी से जुड़े ऐसे कई रोचक तथ्य हैं जो संभवतः आप नहीं जानते होंगे. तो, आइये आज हम ऐसे ही रोचक तथ्यों को –

1.Mahatma Gandhi जी 70 साल की उम्र में भी महज 46 किलो के थे। उस समय वे रोज दस किलोमीटर पैदल चलते और 5 घण्टे सोते थे। उस समय उनकी लंबाई 5 फिट 5 इंच थी। उन्‍होंने अपने जीवन का 6 साल 5 महीने जेल में बिताए थे।

Mahatma Gandhi

2.अपने आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी 13 बार गिरफ्तार हुए। इस दौरान उन्होंने 17 बड़े अनशन किए थे। वहीं गांधी जी लगातार 114 दिन भूखे रहे थे।

3. विश्‍व में महात्‍मा गांधी के कार्यों को इस बात से समझा जा सकता है कि जिस देश से भारत को आजादी दिलाने के लिए उन्होंने लड़ाई लड़ी, उसी ने उनके सम्मान में डाक टिकट जारी किया। गांधी जी के निधन के 21 साल बाद ब्रिटेन ने उनके नाम पर पहली बार डाक टिकट जारी किया।

4. भारत में अगर छोटी सड़कों को छोड़ दें तब भी गांधी जी को सम्‍मान देने के लिए उनके नाम पर कुल 53 बड़ी सड़कें हैं। सिर्फ देश ही नहीं विदेश में भी गाँधी जी के नाम पर कुल ४८ सड़कें हैं।

5. गाँधी जी ने जिस देश से  भारत के लिए आज़ादी की लड़ाई लड़ी उसी देश ने उनके सम्मान में डाक टिकट जारी किया। जी हाँ ब्रिटैन ने उनके मरने के  २१ साल बाद उनके नाम पर डाक टिकट जारी किया था।

6. महात्मा गाँधी की जब हत्या हुई तो उनकी शवयात्रा में कितने लोग थे उसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है की उनकी शवयात्रा ८ किलोमीटर लम्बी थी ।

7. गाँधी जी पर ३ बार गोलियां दागी गयींऔर उस वक़्त उनके आसपास  लोगों को इसका पता भी नहीं चला जब उनके सफ़ेद धोती पर खून का धब्बा दिखा तब लोगों को एहसास हुआ की उन्हें गोली लगी है । आज पूरा देश गाँधी जयंती के अवसर पर उनको नमन और श्रद्धासुमन अर्पित कर रहा है ।

8.Mahatma Gandhi जी शुरू से ही निडर और साहसी नहीं थे. वे अपनी आत्मकथा में लिखते है कि-

मैं बचपन में बहुत शर्मीला था और स्कूल से छुट्टी होते ही सबसे पहले दौड़ कर घर जाता था ताकि रास्ते में मुझसे कोई बात करके मेरा मजाक न उड़ाए.

9.

जब गाँधी जी 1931 मे इंग्लैंड में थे तो उन्होंने रेडीयो प्रसारण द्वारा अमरीकी वासियों को संदेश दिया था. Americans ने सबसे पहले जो उनके शब्द सुने, वह थे, “Do i have to speak into this thing?” ( क्या मुझे इस चीज में बोलना है?)

10. आज़ाद होने के बाद कुछ पत्रकारों ने जब गाँधी जी से अंग्रेजी में सवाल किया तब उन्होंने कहा, “मेरा देश अब आजाद हो गया है, अब मैं हमारी हिन्दी भाषा ही बोलूँगा। राष्ट्र भाषा के विषय में उनका विचार था-

11. भारत की नोटों पर गाँधी जी का चित्र शुरू से नहीं था, 1996 में RBI ऐसे नोट चलन में लेकर आई.

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12. गाँधी जी के दांत खराब होने के कारण उनके पास नकली दांतो का एक जोड़ा था जिसे वह खाना खाते वक़्त प्रयोग करते थे.