‘Adipurush’: नेटिज़न्स बोले 600 करोड़ में वैज्ञानिकों ने कमाल कर दिया और आदिपुरुष ने….

Adipurush Chandrayaan-3 ISRO
ISRO की खासियत है की इसने बहुत ही कम बजट में बहुत बड़ी उपलब्धियां हासिल की है।

‘Adipurush’ को एक बार बार फिर अपने भारी भरकम बजट के लिए ट्रोल किया जा रहा है। भारत के तीसरे चांद मिशन चंद्रयान-3 पर पूरे देश ही नहीं बल्कि सारी दुनिया की नजर टिकी हुई थी और चंद्रयान-2 के दुर्घटनाग्रस्त होने के करीब चार साल बाद चंद्रयान -3 का लैंडर मॉड्यूल अपने रोवर के साथ अंततः चंद्रमा पर फतह कर ही लिया। चाँद पर लैंडर की सफलतापूर्वक सॉफ्ट लैंडिंग कराकर भारत ने एक और उपलब्धि हासिल की है।

पूरे भारतवासियों के लिए ये गौरवान्वित होने वाला पल था। चंद्रयान-3 देश का तीसरा चांद मिशन है, जो चंद्रयान-2 से बड़ा होने के साथ काफी कम लागत का भी है। इस मिशन का खर्च पहले के दोनों मिशन से और यहां तक की हाल में रिलीज हुई फिल्म ‘Adipurush’ के बजट से भी कम है। भारत के काबिल वैज्ञानिकों ने इतने कम बजट में ही बड़ी सफलता का परचम लहरा दिया है जो ऐतिहासिक बन चूका है।

ट्विटर के जरिये इस बात का खुलासा हुआ की Om Raut की फिल्म ‘Adipurush’ की लागत ज्यादा है Chandrayaan-3 के मुकाबले। जिसने सभी नेटिज़ेंस को हैरान कर दिया। सोशल मीडिया पर Adipurush के वज़नदार बजट को लेकर काफी कुछ पोस्ट वायरल हो रहे हैं और फिल्म के डायरेक्टर के साथ साथ सभी कलाकार ट्रोल किये जा रहे हैं।

बता दें की जैसे ही बुधवार शाम 6.04 मिनट पर चंद्रयान-3 ने चांद की सतह में प्रवेश किया, नेटिजन्स ने सिर्फ एक फिल्म पर इतना पैसा खर्च करने के लिए आदिपुरुष के निर्माताओं को ट्रोल करना शुरू कर दिया और उनकी जमकर आलोचना करना शुरू कर दिया। गौरतलब है की आदिपुरुष को बहुत ज्यादा अच्छा रिस्पांस भी नहीं मिला।

ट्विटर के मुताबिक चंद्रयान ३ पर 615 करोड़ की लागत आयी वहीँ ‘Adipurush’  की लागत 500-700 करोड़  बताई जा रही है। अगर राशि को अमेरिकी डॉलर ($75 मिलियन) में बदला जाए तो यह इंटरनेशनल बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा रही दो हॉलीवुड फिल्मों- ग्रेटा गेरविग की ‘बार्बी’ ($145 मिलियन) और क्रिस्टोफर नोलन की ‘ओपेनहाइमर’ ($100 मिलियन) से भी सस्ती है।

आईएएनएस की खबर के मुताबिक, दरअसल नोलन की 2013 की अंतरिक्ष फिल्म, ‘इंटरस्टेलर’, जो भविष्य पर आधारित है और जिसमें दूसरे शानदार मशीनों के अलावा एक भारतीय सौर ऊर्जा संचालित ड्रोन भी शामिल है, को बनाने में 165 मिलियन डॉलर की लागत आई थी।

ISRO की इस उपलब्धि से दुनिया हैरान है। ISRO की खासियत है की इसने बहुत ही कम बजट में बहुत बड़ी उपलब्धियां हासिल की है।

गौरतलब है कि हाल ही में बिहार में गंगा नदी में गिरे भागलपुर पुल की लागत 1710 करोड़ रुपये है। नेटिज़न्स विभिन्न फिल्मों और परियोजनाओं की लागत के साथ चंद्रयान -3 के बजट की तुलना करके इसरो की प्रशंसा कर रहे हैं।