दिल्ली में बाढ़ से कुछ राहत, गिरा यमुना का जलस्तर लेकिन खतरा टला नहीं

Delhi Floods
हनुमान मंदिर के बाहर की सड़क, यमुना बाजार, गीता कॉलोनी, सिविल लाइंस में अभी भी भारी जलभराव है। बाढ़ का पानी सुप्रीम कोर्ट और निगम बोध घाट सहित दिल्ली के कुछ श्मशान घाटों तक भी पहुंच गया।

दिल्ली के कई इलाकों, जो जुलाई 13 से उफनती यमुना नदी के कारण जलमग्न हैं, में बाढ़ का पानी थोड़ा कम हुआ है लेकिन अभी भी खतरा पूरी तरह से टला नहीं है| दिल्ली में पिछले तीन दिनों से बारिश नहीं हुई है लेकिन यमुना अभी भी खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही है| यमुना का जल स्तर शनिवार सुबह 8 बजे 207.67 मीटर था और कुछ इलाकों में पानी कम होने के बाद दिल्ली यातायात पुलिस ने कुछ चुनिंदा सड़कों पर यातायात की आवाजाही पर प्रतिबंध में ढील दी है|

“बुलेवार्ड रोड, स्लिप रोड, सर्विस रोड, युधिष्ठिर सेतु के नीचे बायां मोड़. रिंग रोड, चंदगी राम अखाड़ा से मुकरबा चौक कैरिजवे और चंदगी राम अखाड़ा से आईपी कॉलेज तक दोनों कैरिजवे यातायात के लिए खोल दिए गए हैं,” दिल्ली यातायात पुलिस ने ट्विटर पर लिखा| घटते पानी के कारण मथुरा रोड से रिंग रोड कैरिजवे तक भैरों मार्ग, आईटीओ से लक्ष्मी नगर तक विकास मार्ग, शांति वन से गीता कॉलोनी तक निशाद राज मार्ग दोनों कैरिजवे भी खोल दिए गए हैं।

लेकिन अभी भी बहुत सारे सडकों पर पानी भरा हुआ है और उन पर गाड़ियों की आवाजाही बंद हैं| ये हैं रिंग रोड, मजनू का टीला, आईएसबीटी, शांति वन, आईपी फ्लाईओवर से आईपी डिपो दोनों कैरिजवे, रिंग रोड-आईपी डिपो से आईपी फ्लाईओवर से आईएसबीटी कैरिजवे, सलीम गढ़ बाईपास, पुराना लोहे का पुल पुस्ता शामिल हैं। शमशान घाट तक, बाहरी रिंग रोड – मुकरबा चौक से वजीराबाद कैरिजवे और रिंग रोड शांति वन से राजघाट तक और आईएसबीटी की ओर एवं कश्मीरी गेट आईएसबीटी भी बंद है।

सिंघु बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर, रजोकरी बॉर्डर, बदरपुर बॉर्डर, चिल्ला बॉर्डर, गाजीपुर बॉर्डर, लोनी बॉर्डर, अप्सरा बॉर्डर और भोपुरा बॉर्डर से भारी मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। हालाँकि, आवश्यक वस्तुओं या सेवाओं और राहत सामग्री ले जाने वाले वाहनो पर प्रतिबंध नहीं है।

पुलिस ने एक ट्वीट में कहा कि प्रगति मैदान सुरंग पर यातायात की आवाजाही सामान्य है। एक अन्य ट्वीट में कहा गया कि शांतिवन से गीता कॉलोनी तक सड़क के दोनों कैरिजवे केवल कारों, ऑटो और हल्के वाहनों के लिए खोले गए हैं।

गुरुवार (जुलाई 13) को यमुना नदी का पानी अब तक के उच्चतम स्तर 208.66 मीटर, जो 1978 में 207.49 मीटर के रिकॉर्ड के पार था, तक बढ़ने के बाद कई सड़कें बंद कर दी गईं थी।

दिल्ली के कई हिस्सों में शुक्रवार (जुलाई 14) को हल्की बारिश हुई और मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में राष्ट्रीय राजधानी में और बारिश की भविष्यवाणी की है। परन्तु यमुना के जल स्तर घटने के बाद दिल्ली में बाढ़ का खतरा थोड़ा कम हुआ है|

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि बाढ़ का पानी निकालने में मदद के लिए यमुना बैराज के पांच गेट खोलने का काम चल रहा है। केजरीवाल ने कहा, “आईटीओ बैराज का पहला जाम गेट खोल दिया गया है। जल्द ही सभी पांच गेट खोल दिए जाएंगे। यमुना में पानी का स्तर घट रहा है। अगर बारिश नहीं हुई तो स्थिति जल्द ही सामान्य हो जाएगी। अगर बारिश होती है, तो इसमें थोड़ा अधिक समय लग सकता है।”

उन्होंने लोगों से सतर्क रहने और एक-दूसरे की मदद करने को भी कहा। उन्होंने कहा, “बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं है। पानी का बहाव बहुत तेज है और जलस्तर कभी भी बढ़ सकता है।”

भारतीय सेना और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) को भी शुक्रवार को बुलाया गया क्योंकि आईटीओ और राजघाट सहित मध्य दिल्ली के प्रमुख इलाके पानी में डूब गए। हनुमान मंदिर के बाहर की सड़क, यमुना बाजार, गीता कॉलोनी, सिविल लाइंस में अभी भी भारी जलभराव है। बाढ़ का पानी सुप्रीम कोर्ट और निगम बोध घाट सहित दिल्ली के कुछ श्मशान घाटों तक भी पहुंच गया।

दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने गुरुवार को गैर-जरूरी सरकारी कार्यालय, स्कूल और कॉलेज रविवार तक बंद रखने का निर्देश भी दिया था।